Recomienda este artículo a tus amigos:
Gandhi Dr Rambabu Mehar
Gandhi
Dr Rambabu Mehar
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ समय में जब दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ तानाशाही के à¤à¤‚वर में उलà¤à¤¤à¥€ दिख रही है, तब मानवता के मसीहा महातà¥à¤®à¤¾ गांधी सहसा हमारी सà¥à¤®à¥ƒà¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ाश पà¥à¤‚ज की à¤à¤¾à¤à¤¤à¤¿ आ जाते हैं। सतà¥à¤¯ के साथ साहस व अहिंसा के साथ उनकी अनंत यातà¥à¤°à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को अनायास अपनी ओर आकरà¥à¤¿à¥ƒà¤¾à¤¤ करती है। जैसेâ€à¤œà¥ˆà¤¸à¥‡ हम गांधीजी को समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं, वैसेâ€à¤µà¥ˆà¤¸à¥‡ वे हमारी आंतरिक संवेदना को कà¥à¤°à¥‡à¤¦à¤¤à¥‡ जाते हैं। उन गà¥à¤¤à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को हम बारâ€à¤¬à¤¾à¤° समà¤à¤¨à¥‡ का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करते हैं, जो तातà¥à¤•ालिक संघृाोरà¥à¤‚ में दिखाई देती थीं और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में à¤à¥€ वे अनसà¥à¤²à¤à¤¾à¥€ सी पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होती हैं। हम पर जो ऋण है, उन गà¥à¤¤à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤²à¤à¤¾ कर ही उतारा जा सकता है।
| Medios de comunicación | Libros Paperback Book (Libro con tapa blanda y lomo encolado) |
| Publicado | 17 de septiembre de 2021 |
| ISBN13 | 9781639047048 |
| Editores | Notion Press |
| Páginas | 104 |
| Dimensiones | 152 × 229 × 6 mm · 163 g |
| Lengua | Hindi |